आज हमारे देश का लगभग हर एरिया डिजिटलीकरण हो चुका है. ऐसे में हमारी करेंसी क्यों पीछे रहे ?एक जमाना ऐसा भी था जब लोग जेब में कैश लेकर चलते थे. लेकिन अब आगे की जनरेशन में ऐसा नहीं होगा. क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) उपयोग के लिए 1 नवंबर से डिजिटल रुपया (E-Rupee) का पायलट लॉन्च कर दिया है. आइए हम आपको बताते हैं कि ये डिजिटल करेंसी क्या है और यह आपके लिए किस तरह फायदेमंद साबित होगी.
कब हुई थी डिजिटल रूपया लांच की घोषणा
रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया ने अक्टूबर महीने में एलान किया था कि जल्द ही वो डिजिटल करेंसी के विशेष उपयोग के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट लाएगा. इसके अलावा RBI ने CBDC पर एक कॉन्सेप्ट नोट भी जारी किया था जो डिजिटल करेंसी के बारे में जागरुकता पैदा करने के उद्दयेश्य से लाया गया था. CBDC के बारे में बात सबसे पहले इस साल की शुरुआत में बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किया था. उन्होंने बताया था कि RBI इसी साल ई-रुपया लेकर आएगा. भुगतान के इस वैध तरीके को बैंक खाते या नकदी में भी तब्दील किया जा सकता है.
कैसे कर सकेंगे डिजिटल रुपये का उपयोग
रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया द्वारा शेयर की गयी जानकारी के अनुसार, CBDC पेमेंट करने का एक जरिया होगा. जो सभी नागरिक, बिजनेस, सरकार और अन्य के लिए एक लीगल टेंडर के तौर पर जारी किया जाएगा. आप किसी को भी पेमेंट करने के लिए इस डिजिटल करेंसी (Digital Currency) का इस्तेमाल कर सकते हैं. CBDC इलेक्ट्रॉनिक रूप में अकाउंट में दिखेगा और करेंसी नोट से इसे बदला भी जा सकेगा. ठीक उसी तरह जैसे हम ऑनलाइन अपना बैंक अकाउंट बैलेंस चेक करते हैं या मोबाइल वॉलेट चेक करते है, उसी तरह E-Rupee को इस्तेमाल कर सकेंगे. डिजिटल रुपी को UPI से भी जोड़े जाने की तैयारी है.
किन बैंको को दिया गया परीक्षण का काम
आरबीआई ने ‘केंद्रीय बैंक डिजिटल रूपया के थोक खंड (Wholesale Transactions) के लिए होने वाले इस परीक्षण का काम नौ बैंको को सौप दिया है. इन बैंकों की पहचान भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, यस बैंक, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एचएसबीसी के रूप में की गई है.
इससे आपको क्या होगा फायदा
आरबीआई की डिजिटल करेंसी आने के बाद आपको अपने पास कैश रखने की जरूरत नहीं होगी. इसे आप अपने मोबाइल वॉलेट में रख सकेंगे और इस डिजिटल करेंसी पर पूरी तरह से रिजर्व बैंक का नियंत्रण रहेगा. डिजिटल करेंसी आने से सरकार के साथ आम लोगों और बिजनेस के लिए लेनदेन की लागत कम हो जाएगी.
कुछ दिन पहले इस बारे में जानकारी देते हुए रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया ने कहा था कि केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी) का उद्देश्य मुद्रा के मौजूदा रूपों को बदलने के बजाय डिजिटल मुद्रा को उनका पूरक बनाना और उपयोगकर्ताओं को भुगतान के लिए एक अतिरिक्त विकल्प देना है. इसका मकसद किसी भी तरह से मौजूदा भुगतान प्रणालियों को बदलना नहीं है. यानी आपके लेन-देन पर इसका कोई असर नहीं होने वाला है.